ममी-पापा गए बाज़ार
रस्ते में चढ़ गया उन्हें बुखार
बुखार ने उनको ऐसा घेरा
डॉक्टर ने घर डाला डेरा
खबर बुखार की ऐसे फैली
मानों लड़की घर से भागी
मेहरबानो और कद्रदानो नें
घर को कुम्भ का मेला बनाया
आवभगत और कामकाज से
ऐसी हमने कसम है खाई
नहीं बनेगे ममी पापा
चाहे ज़ग य़े करे हंसाई
विनोद पासी "हंसकमल"
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