जब तक पौधा यौवन पर न हो उसमे फूल नहीं खिलते
जब तक पेड़ अपने यौवन पर न हो उसमे फल नहीं आते
जब तक मादा जानवर भी तैयार न हो
नर जानवर उससे सम्भोग नहीं करते
हम भी सीखें कुछ प्रकृति से, जिसने बसाई है यह वसुंधरा
न करे बच्चों का शारीरिक शौषण, न करे उनका बाल विवाह
वो कच्ची मिट्टी के घड़े है, उन्हें पकने दे उम्र के साथ
जब तक उनका मासूम बदन, पक़ न जाए घड़े सामान
विनोद पासी "हंसकमल"
जब तक पेड़ अपने यौवन पर न हो उसमे फल नहीं आते
जब तक मादा जानवर भी तैयार न हो
नर जानवर उससे सम्भोग नहीं करते
हम भी सीखें कुछ प्रकृति से, जिसने बसाई है यह वसुंधरा
न करे बच्चों का शारीरिक शौषण, न करे उनका बाल विवाह
वो कच्ची मिट्टी के घड़े है, उन्हें पकने दे उम्र के साथ
जब तक उनका मासूम बदन, पक़ न जाए घड़े सामान
विनोद पासी "हंसकमल"
No comments:
Post a Comment