Tuesday, 11 September 2012

हिंदी भाषा

हिंदी भाषा  वो है   धागा
जिसने अपनी माला में
पिरोया है, तमिल, तेलुगु,
कन्नड़, डोगरी, मलयालम,
कोंकणी, मराठी, गुजराती,
पंजाबी, बंगला, संस्कृत,
और उन सब भाषायों को
जिन्हें पढ़तें और बोलते है
भारतवासी-

यह भारतीय भाषाएँ नवरत्न है
चमकते सितारे है उस माला के
जो भारत माता की शोभा है
कभी इनको भी बिखरने मत देना


इस धागे को मिलकर करें  इतना मज़बूत
क़ि  फिर कभी  किसी से य़े टूट न पाए
यह टूट गया तो कुछ न बचेगा
आने वाली पीढ़ी के पास, जिनके
कंधो पर होगा भार, भारत को उच्चाईयों
पर ले जाने का, उसे प्रगतिशील बनाने का

विनोद पासी "हंसकमल"

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