हिंदी भाषा वो है धागा
जिसने अपनी माला में
पिरोया है, तमिल, तेलुगु,
कन्नड़, डोगरी, मलयालम,
कोंकणी, मराठी, गुजराती,
पंजाबी, बंगला, संस्कृत,
और उन सब भाषायों को
जिन्हें पढ़तें और बोलते है
भारतवासी-
यह भारतीय भाषाएँ नवरत्न है
चमकते सितारे है उस माला के
जो भारत माता की शोभा है
कभी इनको भी बिखरने मत देना
इस धागे को मिलकर करें इतना मज़बूत
क़ि फिर कभी किसी से य़े टूट न पाए
यह टूट गया तो कुछ न बचेगा
आने वाली पीढ़ी के पास, जिनके
कंधो पर होगा भार, भारत को उच्चाईयों
पर ले जाने का, उसे प्रगतिशील बनाने का
विनोद पासी "हंसकमल"
जिसने अपनी माला में
पिरोया है, तमिल, तेलुगु,
कन्नड़, डोगरी, मलयालम,
कोंकणी, मराठी, गुजराती,
पंजाबी, बंगला, संस्कृत,
और उन सब भाषायों को
जिन्हें पढ़तें और बोलते है
भारतवासी-
यह भारतीय भाषाएँ नवरत्न है
चमकते सितारे है उस माला के
जो भारत माता की शोभा है
कभी इनको भी बिखरने मत देना
इस धागे को मिलकर करें इतना मज़बूत
क़ि फिर कभी किसी से य़े टूट न पाए
यह टूट गया तो कुछ न बचेगा
आने वाली पीढ़ी के पास, जिनके
कंधो पर होगा भार, भारत को उच्चाईयों
पर ले जाने का, उसे प्रगतिशील बनाने का
विनोद पासी "हंसकमल"
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