जोड़ा
जिस्म के आकर्षण में
संध्या और रात्रि के मध्य
में छाये सुरमई अँधेरे में
सार्वजानिक पार्क के कोने में
अपने आसपास से बिलकुल अनभिज्ञ
वे दोने एक दूसरे से
इस तरह लिपटे थे
मानों सर्प और सर्पिनी
मिल रहो हो वर्षो में
विनोद पासी "हंसकमल"
जिस्म के आकर्षण में
संध्या और रात्रि के मध्य
में छाये सुरमई अँधेरे में
सार्वजानिक पार्क के कोने में
अपने आसपास से बिलकुल अनभिज्ञ
वे दोने एक दूसरे से
इस तरह लिपटे थे
मानों सर्प और सर्पिनी
मिल रहो हो वर्षो में
विनोद पासी "हंसकमल"
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