मेरे भारत महान में
क्या नहीं होता
मेरे भारत महान में
तीन माह से तिहत्तर वर्ष की
हवस का शिकार होती
मेरे भारत महान में
लूट तंत्र और भ्रष्टाचार का
नौकरशाही और व्यापार वर्ग का
कसता शिकंजा
मेरे भारत महान में
बेशुमार दौलत और
बेइंतेहा गरीबी का
रोज नंगा नाच होता
मेरे भारत महान में
धर्म-जाती- प्रेम के नाम पर
नौजवानों की जानें जाती
मेरे भारत महान में
बाहुबलियों और अपराधिक
लोगो का चुनाव जीतना
संभब है
मेरे भारत महान में
खुले आम कत्ले-आम
और धजियाँ उडती कानून और
उसके रखवालो की
मेरे भारत महान में
धर्म के नाम पर ईमान बिकता है
महंगाई में दबा इंसान भी बिकता है
मेरे भारत महान में
जानता जागकर भी है सोयी
मंदिर-मस्जिद, मंडल कमंडल
जातिवाद, आतंवाद, भाई-भतीजावाद
में है खोयी
किसको फुर्सत है
मेरे भारत महान में
विनोद पासी "हंसकमल"क्या नहीं होता
मेरे भारत महान में
तीन माह से तिहत्तर वर्ष की
हवस का शिकार होती
मेरे भारत महान में
लूट तंत्र और भ्रष्टाचार का
नौकरशाही और व्यापार वर्ग का
कसता शिकंजा
मेरे भारत महान में
बेशुमार दौलत और
बेइंतेहा गरीबी का
रोज नंगा नाच होता
मेरे भारत महान में
धर्म-जाती- प्रेम के नाम पर
नौजवानों की जानें जाती
मेरे भारत महान में
बाहुबलियों और अपराधिक
लोगो का चुनाव जीतना
संभब है
मेरे भारत महान में
खुले आम कत्ले-आम
और धजियाँ उडती कानून और
उसके रखवालो की
मेरे भारत महान में
धर्म के नाम पर ईमान बिकता है
महंगाई में दबा इंसान भी बिकता है
मेरे भारत महान में
जानता जागकर भी है सोयी
मंदिर-मस्जिद, मंडल कमंडल
जातिवाद, आतंवाद, भाई-भतीजावाद
में है खोयी
किसको फुर्सत है
मेरे भारत महान में
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