Monday, 2 July 2012

मेरे भारत महान में


मेरे भारत महान में

क्या नहीं होता
मेरे भारत महान में

तीन माह से तिहत्तर वर्ष की
हवस का शिकार होती
मेरे भारत महान में

लूट तंत्र और भ्रष्टाचार  का
नौकरशाही और व्यापार वर्ग का
कसता शिकंजा
मेरे भारत महान में

बेशुमार दौलत और
बेइंतेहा गरीबी का
रोज नंगा नाच होता
मेरे भारत महान में

धर्म-जाती- प्रेम के नाम पर
नौजवानों की जानें जाती
मेरे भारत महान में

बाहुबलियों और अपराधिक
लोगो का चुनाव जीतना
संभब है
मेरे भारत महान में

खुले आम कत्ले-आम
और धजियाँ उडती कानून  और
उसके रखवालो की
मेरे भारत महान में

धर्म के नाम पर ईमान बिकता है
महंगाई में दबा इंसान भी बिकता है
मेरे भारत महान में


जानता जागकर भी है सोयी
मंदिर-मस्जिद, मंडल कमंडल
जातिवाद, आतंवाद, भाई-भतीजावाद
में है खोयी
किसको फुर्सत है
मेरे भारत महान में

विनोद पासी "हंसकमल"

No comments:

Post a Comment