लड़के- लड़कियां
लुभावने, अति आधुनिक, रंगीन
मोडर्न लिबासो में
घूम रहे है
कुछ फीकी मुस्कान लिए
तो कुछ दिलफेंक हंसी लिए हुए
कैम्पस की सडको पर
भूखी-प्यासी आंतड़ियों को
चाय, समोसे, पान सिगरेट, गुटकों
चाट पकोड़ी, गोल-गप्पो
से भर रहे है शान से
बिना खाना खाए
कैम्पस की सडको पर
प्रोफेसर्स-लेक्चरर्स इनसे
'अन्पड" के ख़िताब लिए
कर रहे ही नौकरी खातिर जी हजूरी
यूनियन गलियों खा कर भी
विराजमान है
कैम्पस की सडको पर
खूबसूरत तथा मैत्रीपूर्ण जोड़े
चर्चा का विषय बन
दौड़ रहे है
किताबो-कापियों की ओढ़ में
कैम्पस की सडको पर
क्रूर वास्तविक ज़िन्दगी से परे
कल्पनायों के संसार में
सुनहले भविष्य के सपने
भी संजोये जा रहे है
कैम्पस की सडको पर
विनोद पासी "हंसकमल"
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