उस दामिनी को श्रधांजलि
प्यारी बेटी तुम क्या गयी,
आँख हमारी नम कर गयी,
हर दिल में इक आग लगा गयी
सोचने को मजबूर कर गयी
हर हिन्दुस्तानी नें कसम अब है खायी,
नहीं सहेंगे, नहीं करेंगे अत्याचार
तुम जैसे हर बेटी, हर बहिन पर,
चाहे देनी पड़े कुछ भी क़ुरबानी
हमें अपने अन्दर भी है झांकना ,
घर से ही करनी होगी इज्जत
हर नारी की, अपनी संस्कृति की
तुम्हारी पीड़ा, तुम्हारा दर्द, तुम्हारी जीने की चाहत
बन अक्शु निकल रहा है हर भारतवासी की पलकों से
जो जख्म तुमने है सहे, दर्द महसूस किया है हर किसी ने
हम सब थे सोये कुम्भ-कर्ण की नींद में,
अपने आस पास देख मुतमईन थे सब ठीक है
संघर्ष करके तुमने, जगा दिया उस नींद से,
सब चलता है की नकरात्मक सोच से
काश तुम्हे यह सब न सहना पड़ता
काश तुम्हे अपना बलिदान न देना पड़ता
हम सब शर्मिंदा भी है और दुखी भी,
अपने आप को सभ्य कैसे कहे ,
कैसे कहें हम वो भारतवासी है
जहाँ नदियाँ भी पूजी जाती है
कर सको तो विश्वास तुम्हें दिलाते है ,
बलिदान तुम्हारा व्यर्थ न जायेगा
हर लड़की की अब इज्जत बचेगी,
कोई दरिंदा अब न बच पायेगा
चाहे कितनी भी लम्बी क्यों न हो यह लड़ाई,
चाहे बदलनी पड़े व्यवस्थाये, या बदलनी पड़े सरकारे
अब न रुकेगा जन आक्रोश हमारा, न रुकेगी उठती बाहें
तुम्हारी क़ुरबानी ने उथल पुथल मचा दी है
तुम्हारे जाने से दबा जो ज्वाला-मुखी फूटा है
उसमे से ही निकलेगा वो अमृत जो सुरक्षित करेगा
हर माँ बहिन और बेटी का भविष्य
तुम तो लडती रही अंतिम साँस तक हारी नहीं ,
हारा तो आज सारा हिंदुस्तान है, हारे तो तुम्हारे
असंख्य भाई बहिन है जो अपनी नपुंसकता पर
शर्मसार है, जिसका खून अपने उबाल पर है
जो तुम्हारी क़ुरबानी पर नयी इबारत लिखने को
हर घडी, हर पल बेचैन है,
तुम हम सबके लहू में उफान पैदा कर गयी
हम आभारी रहेंगे तुम्हारे जब तक रहेगी ये जान
अब वक़्त नहीं घर बेठने का, अब वक़्त है इन्कलाब का
अब वक़्त है बदलाव का, अब वक़्त है बदलाव का
विनोद पासी "हंसकमल
मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है. मुझे ब्लॉग बनाना तो नहीं आता, पर मैंने यहाँ पर अपनी अधिकांश कवितायेँ, सन्देश, कुछ लघु कथाये इत्यादि को संकलित किया है . मेरी पहली पुस्तक "ऐसे में कविता कैसे हो" जुलाई २०११ में गरिमा बुक्स, शाहदरा, दिल्ली, द्वारा प्रकाशित हो चुकी है, इन कवितायों में कुछ रचनाये है जो मेरी पुस्तक में छ्प चुकी है शेष वो है जो मैंने उसके बाद लिखी है. मैं आशा करता हूँ की आप लोगों को मेरी रचनाये पसंद आयेंगी. मुझे आपकी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतज़ार रहेगा
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